क्या फिन एलन नहीं आउट हुए थे? राठी के कैच पर बवाल, फैंस बोले – ये तो सिक्स था!
क्या फिन एलन नहीं आउट हुए थे? IPL 2026 के मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच यह सवाल हर किसी की जुबान पर है। दूसरे ओवर में प्रिंस यादव की गेंद पर फिन एलन ने थर्ड-मैन की तरफ aerial shot मारा, जिसे बाउंड्री पर खड़े फील्डर दिग्वेश राठी ने पकड़ लिया। मगर यहाँ से शुरू हुआ विवाद।
कैमरे के एंगल से साफ दिख रहा था कि पकड़ लेने के दौरान राठी का बायां पैर बाउंड्री रोप को छू रहा था। नियम के अनुसार, अगर कोई फील्डर बाउंड्री लाइन या रोप पर टच करते हुए कैच लेता है, तो वह catch गलत माना जाता है और बल्लेबाज नॉट आउट रहता है। यहाँ यही विवाद है।
ग्राउंड अंपायरों ने फौरन ऑउट का फैसला दे दिया, लेकिन तीसरे अंपायर से स्पष्टता के लिए सहायता नहीं ली गई। यह निर्णय टीवी कमेंटेटर्स तक को भ्रमित कर गया। कई commentator ने सीधे कहा कि पैर बाउंड्री को छू रहा था, इसलिए कैच कानूनी नहीं था।
सोशल मीडिया पर फैंस ने अंपायरों पर जमकर criticize की। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'जब तकनीक मौजूद है, तो ऐसा साफ विवादित कैच बिना रीप्ले चेक के कैसे आउट हो सकता है?' दूसरे ने कहा, 'यह फैसला लीग के निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।'
फिन एलन सिर्फ 9 रन बना पाए थे, लेकिन उनका विकेट जल्दी गिरना केकेआर की पारी के momentum को धीमा कर सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों का कहना है कि जब तकनीक उपलब्ध है, तो मानवीय गलती को कम करना चाहिए। अब सवाल यह है: क्या अगले मैच में अंपायर ऐसे मामलों में स्वतः रीव्यू करेंगे?
साफ दिख रहा था! राठी का left foot बायां पैर रोप को छू रहा था। ये कैच नॉट आउट होना चाहिए था।
कमेंटेटर्स ने भी कहा था कि कैच गैरकानूनी था। अंपायरों को स्वतः recheck दोबारा जांच करनी चाहिए थी।
लगता है आईपीएल में अंपायरिंग का स्तर गिर रहा है। ये technology तकनीक क्यों लाई गई अगर इसका इस्तेमाल नहीं होगा?
मैंने रिप्ले देखा। गेंद अभी हाथ में थी, लेकिन पैर बाहर था। boundary line बाउंड्री लाइन से स्पर्श होते ही वो सिक्स माना जाना चाहिए।
केकेआर के लिए ये बड़ा झटका है। फिन एलन शुरुआत में aggressive आक्रामक खेल रहे थे। अब मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ेगा।
मैंने टीवी पर ये मैच देखा। फैंस गुस्से में थे। ऐसे फैसलों से trust भरोसा डगमगाता है।
क्या लखनऊ के फील्डर ने जानबूझकर समय देखकर वापस jumped कूदा? कुछ लोग कह रहे हैं वो जानबूझकर ऐसा करते हैं।
इस विवाद ने मैच का फोकस ही बदल दिया। अब सिर्फ एक wicket विकेट नहीं, बल्कि निष्पक्ष खेल पर बहस छिड़ गई है।