3700 महंगी मर्सिडीज गाड़ियों के बोल्ट ढीले: अमेरिका में बवाल, भारी रिकॉल

लग्ज़री कार बनाने वाली दिग्गज कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने हाल ही में एक ऐसा कदम उठाया है जो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। अमेरिका में बिकने वाली उसकी महंगी इलेक्ट्रिक एसयूवी, G-Class EV G580, के 3,734 मॉडल्स को कंपनी ने वापस मंगवाया है। क्यों? क्योंकि इन कारों के पहियों को जोड़ने वाले बोल्ट समय के साथ ढीले हो रहे हैं — एक ऐसी खामी जो सामान्य रूप से किसी आम कार में भी गंभीर होती, क्या मतलब महंगी लक्ज़री गाड़ियों में।

समस्या का कारण भी साफ हो गया है। मर्सिडीज ने स्वीकार किया है कि उसने इलेक्ट्रिक जी-क्लास के भारी वजन और जबरदस्त टॉर्क का सही अंदाज़ा नहीं लगाया। परिणाम? उसने पेट्रोल वर्जन जी-क्लास के लिए इस्तेमाल होने वाले उन्हीं बोल्ट्स का उपयोग कर दिया, जो इलेक्ट्रिक कार के भारी pressure को नहीं संभाल पा रहे। इलेक्ट्रिक मॉडल पारंपरिक कारों से काफी वजनी है और इसका तुरंत पावर आउटपुट भी ज्यादा है, जिससे पहियों पर अतिरिक्त तनाव पड़ता है।

खतरा सीधा है — अगर बोल्ट पूरी तरह ढीले हो जाएं, तो पहिया अपनी जगह से अलग हो सकता है। और यह सिर्फ ड्राइविंग के आराम की बात नहीं, जान का सवाल बन जाता है। फिलहाल, कंपनी का कहना है कि अभी तक दुर्घटना या injury का कोई केस नहीं आया है। लेकिन जोखिम कम नहीं है। खासकर ऑफ-रोड चलाने पर या लगातार भारी इस्तेमाल में, जहां कंपन और तनाव ज्यादा पड़ता है।

प्रभावित कारें वो हैं जिनका निर्माण अवधि फरवरी 2024 से अगस्त 2025 के बीच हुआ है। कंपनी अब ग्राहकों से अनुरोध कर रही है कि वे अपने डीलर के पास अपॉइंटमेंट लेकर जाएं। पुराने बोल्ट्स को बदलकर मजबूत, नए डिजाइन वाले बोल्ट्स लगाए जाएंगे — और यह free होगा। कंपनी का आश्वासन है कि शहर की सामान्य सड़कों पर चलाने से यह समस्या आने की संभावना बहुत कम है। लेकिन फिर भी, सावधानी बरती जा रही है।

इस घटना का असर सिर्फ अमेरिकी बाजार तक ही सीमित नहीं है। यह मर्सिडीज जैसी कंपनी की इंजीनियरिंग विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है। अगर इलेक्ट्रिक परिवर्तन के दौर में भी ऐसी oversight हो सकती है, तो ग्राहकों का विश्वास कैसे बनेगा? टेस्ला, रिवियन और अन्य नए खिलाड़ी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, और अब पुराने ब्रांड्स को भी हर छोटी बारीकी पर नजर रखनी होगी।

टिप्पणियाँ 8

  • मैकेनिकबाबू

    आम गैराज में भी अगर कसने का टॉर्क गलत हो जाए तो बोल्ट ढीले पड़ जाते हैं। लेकिन मर्सिडीज की फैक्ट्री में ऐसी mistake ? ये सिर्फ लापरवाही नहीं, डिजाइन की चूक है।

  • ईवी_अर्जुन

    उम्मीद तो यही थी कि प्रीमियम ब्रांड महंगी कारों के लिए कस्टम हार्डवेयर बनाएंगे। लेकिन वो same बोल्ट इस्तेमाल कर रहे थे? अविश्वसनीय है।

  • सड़कसाथी

    मेरे पड़ोसी के पास यही कार है। वो ऑफ-रोड चलाना पसंद करते हैं। अब वो worried हैं। कंपनी को तुरंत सूचना देनी चाहिए थी, रिकॉल के बजाय।

  • टेकनिकलराज

    टॉर्क और वजन का वितरण इलेक्ट्रिक वाहनों में बिल्कुल अलग होता है। जो बोल्ट पेट्रोल कार में काम करते हैं, वो EV में fail हो सकते हैं। ये बुनियादी इंजीनियरिंग है।

  • गाड़ीवाला

    हैरान हूँ। 3 करोड़ की कार और बोल्ट ढीले? ये कोई मारुति ऑल्टो नहीं है जहां loose पुर्जे माफ़ हों।

  • स्मार्टसिद्धू

    एक तरफ विज्ञापनों में सुरक्षा के दावे, दूसरी तरफ रिकॉल। ग्राहक aware रहें। ब्रांड नाम पर भरोसा मत करो, स्पेक्स देखो।

  • लखनऊवाला

    हुआ तो अमेरिका में, लेकिन असर ग्लोबल होगा। भारत में भी इस मॉडल के launch की अफवाह थी। अब देखते हैं क्या होता है।

  • स्टीयरिंगसिंह

    कंपनी का फ्री रिपेयर करना अच्छा है, लेकिन trust एक बार टूट जाए तो वापस नहीं आता। ग्राहक याद रखेंगे — 'ये कंपनी एक बोल्ट भी सही नहीं चुन पाई।'