मेरे पति को आज ही फांसी पर लटकाओ', कानपुर में जुड़वां बेटियों का गला काटने वाले पिता के लिए मां ने मांगी सजा

कानपुर के नौबस्ता इलाके में रविवार तड़के एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे शहर को shock में डाल दिया। एक पिता ने अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों की brutal तरीके से हत्या कर दी। दोनों बच्चियों—रिद्धि और सिद्धि—के गले धारदार हथियार से काटे गए थे। घटना के बाद पुलिस को सूचना देने वाला आरोपी उसी घर में मौजूद था, जहां उसने अपनी नाबालिग बेटियों की जान ले ली।

महिला का आरोप है कि उसका पति लंबे समय से abusive था। वह नशे के आदी थे और अक्सर पत्नी पर unfair आरोप लगाते थे। आरोपी शशिरंजन मिश्रा ने 2014 में रेशमा छेत्री से प्रेम विवाह किया था। रेशमा एक सैलून में काम करती हैं। पुलिस को दी गई जानकारी में उन्होंने बताया कि घरेलू violence के कारण वह कुछ महीने पहले अपने बेटे के साथ मायके चली गई थीं।

लेकिन नौ महीने बाद वह वापस आ गईं। शनिवार की रात परिवार ने साथ में खाना खाया। उसके बाद आरोपी अपनी दोनों बेटियों को लेकर अपने कमरे में चला गया। तब तक कोई नहीं जानता था कि अगले कुछ घंटों में एक tragic घटना घर के अंदर ही घटने वाली है। तड़के चार बजे के आसपास डायल-112 को सूचना दी गई कि घर में दो बच्चियों की हत्या कर दी गई है।

मां का दिल टूट चुका है। वह बार-बार कह रही है—मेरे पति को आज ही फांसी पर लटकाओ। उनका कहना है कि वह एक अलग कमरे में सो रही थीं, इसलिए उन्हें घटना के बारे में नहीं पता था। जब पुलिस ने उन्हें जगाया, तो उन्हें सच्चाई का एहसास हुआ। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले की investigation जारी है।

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में deep पीड़ा छोड़ दी है। लोग सोच में हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है—एक पिता जो अपनी बेटियों की रक्षा करने वाला होता है, वही उनकी जान लेने वाला कैसे बन सकता है? घरेलू tension और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे फिर से चर्चा में हैं। लेकिन इस मां के लिए, आज केवल एक ही बात मायने रखती है—justice

प्रतिक्रियाएँ 6

  • सुधा_पंडित

    इस मां का दर्द समझ से बाहर है। बस एक बात सुनाई दे रही है—justice चाहिए।

  • राजीवकुमार

    क्या हुआ होगा उस कमरे में? घर में सब कुछ शांत था, लेकिन अंदर dark था।

  • प्रियंका_एम

    क्या पुलिस ने पहले कोई warning नहीं सुनी? अगर उस महिला की शिकायत दर्ज थी, तो क्यों नहीं कुछ किया गया?

  • विकासजी

    हर बार बाद में regret आता है। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

  • नीरज

    क्या ये सिर्फ एक घटना है या किसी larger समस्या का हिस्सा?

  • माँ_बेटियों_की

    मैं भी एक मां हूँ। सिर्फ इतना कहूंगी—कभी नहीं भूलूंगी ये खबर।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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