33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे: महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर विपक्ष पर गरजे सीएम साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के failure होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने opposition पर आरोप लगाया कि उनके "महिला विरोधी" राजनीतिक चरित्र ने देश की मातृशक्ति के साथ injustice किया है। महिला आरक्षण विधेयक के पास न हो पाने पर सीएम ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि आधी आबादी के गौरव और dignity का मुद्दा है।

साय ने कहा कि यह बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के guidance में संसद के विशेष सत्र में लाया गया था, जहां पूरे देश में महिलाओं के बीच उत्साह था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने obstruction डालकर एक ऐतिहासिक अवसर को बर्बाद किया है। "यह नारी शक्ति के साथ किया गया sin है," उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान भाजपा सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायतों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब 57 प्रतिशत तक पहुंच गया है। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सरकार ने नारी के constitutional rights की रक्षा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तीन दशकों तक महिला आरक्षण का नारा दिया, लेकिन कभी action नहीं की।

सीएम ने साफ कहा कि विधेयक के गिरने के बावजूद भाजपा का संकल्प अब भी मजबूत है। "हम constitutional right के तौर पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाकर रहेंगे," उन्होंने कहा। उन्होंने विपक्ष पर धर्म और क्षेत्रीय वैमनस्य को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ betrayal है।

इस बीच, भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि वह सड़कों पर उतरेगी। साय ने कहा कि देश की मातृशक्ति विपक्ष को इस decision के लिए माफ नहीं करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आगे की सभी barriers को पार करके यह अधिनियम अवश्य लागू होगा।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • सामाजिक विश्लेषक

    इतने सालों बाद भी आरक्षण का बिल न बन पाना दिखाता है कि वास्तविक political will कहां है।

  • नीति साधना

    पंचायतों में 57% महिलाएं हैं, लेकिन विधानसभा में सिर्फ 22%? यह अंतर खुद एक warning है।

  • मोहन बाबू

    विपक्ष ने हां में हां मिलाकर कांग्रेस को बचाया। ये सब game है, न्याय नहीं।

  • शक्ति उत्थान

    महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन उन्हें power देने के बजाय हम बहस में उलझे हैं।

  • निर्णय टिप्पणी

    क्या भाजपा वाकई इस बिल को पास करवा पाएगी, या यह सिर्फ election promise है?

  • तथ्य जागरूक

    अगर बिल इतना महत्वपूर्ण था, तो सरकार ने पहले से strategy क्यों नहीं बनाई?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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